Tuesday, December 17, 2013

Meaning of Dreams : Astrological as well as psycho analysis

12/17/2013 08:18:00 PM

स्‍वप्‍न : ज्‍योतिषीय एवं मनोवैज्ञानिक अर्थ


इन दिनों मौसम में परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में हमारा शरीर भी लगातार खुद को व्‍यवस्थित करने में लगा हुआ है। इसी दौरान नींद भी प्रभावित होती है। इसी दौर में कुछ लोगों को अचानक अधिक सपने आने लगते हैं। सही कहा जाए तो अधिक सपपने याद रहने शुरू हो गए हैं। क्‍योंकि सपने तो हमें हमेशा आते हैं, लेकिन अच्‍छी नींद के बाद उठने पर हम उन सपनों को भूल जाते हैं। जब तक सर्दियां पूरी तरह नहीं आ जाती, सपनों की मात्रा बढ़ी हुई रहेगी। फिर सर्दियां खत्‍म होने पर एक बार फिर सपनों का दौर परवान पर होगा। यहां इस लेख में हम बात कर रहे हैं सपने और उनके अर्थ की। ऐसे में केवल उन्‍हीं सपनों को सच्‍चा माना जाए, जब जातक स्‍वस्‍थ हो, भोर में उसने सपना देखा हो और किसी अन्‍य घटना या जानकारी से प्रभावित न हुआ हो। किसी प्रकार का मानसिक आघात (चाहे वह हल्‍का हो या भारी) नीचे दिए गए सपनों का अर्थ निरर्थक कर सकता है या बदल सकता है। 

हवा में उड़ने (flying), ऊंचाई से गिरने (Falling from top), दम घुटने (chocking), चोट लगने, रक्‍त बहने (Bleeding) और ऐसे ही पचासों तरह के स्‍वप्‍न हमें सोचने के लिए मजबूर कर देते हैं कि बिना किसी लॉजिक या बिना किसी पूर्व घटना के इस प्रकार के सपने हमें क्‍या कहना चाहते हैं। हम जानते हैं कि हमारे सक्रिय मस्तिष्‍क के साथ एक अवचेतन मन भी लगातार काम कर रहा है। 

               ऐसे में हमारी खोज सामान्‍य भौतिक नियमों से इतर पराभौतिक संकेतों तक फैल जाती है। ज्‍योतिषी के पास भी ऐसे पचासों सवाल आते हैं कि पिछली रात मैंने सपने में सांप देखा। इसका क्‍या अर्थ हो सकता है?

               हालांकि परम्‍परागत ज्‍योतिष शास्‍त्र में कहीं भी स्‍वप्‍न को लेकर एक सूत्र में जानकारियां पिरोई नहीं गई हैं, फिर भी किसी एक ग्रंथ में एक संकेत का तो किसी दूसरे ग्रंथ में‍ किसी दूसरे संकेत का विवरण दिया गया है। 

               पश्चिम के मनोविज्ञानी सिग्‍मंड फ्रायड (Psychologist Sigmond freud) ने तो मनोविश्‍लेषण (Psychoanalysis) पुस्‍तक में इस बारे में विस्‍तार से जानकारी दी है। पुस्‍तक का एक भाग पूरी तरह सपनों के विश्‍लेषण पर ही आधारित कर दिया गया है। फ्रायड की अधिकांश धारणाएं यौन विकारों (Sexual disorder) से शुरू होकर वहीं पर खत्‍म होती दिखाई देती हैं, वहीं कार्ल जुंग कुछ आगे निकलकर वास्‍तव में अवचेतन तक पहुंचते हैं।

जब आप चिल्‍ला नहीं पाएं तो समझिए कि
आप अपनी क्षमताओं का
पूरा इस्‍तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं...
               यहां जुंग (Carl gustav Jung) हमें बताते हैं कि केवल यौन क्रियाएं ही नहीं बल्कि जीवन से जुड़े ऐसे बहुत से पहलु जो हमारे सक्रिय मस्तिष्‍क (Active mind) की पहुंच से बाहर हैं, उन्‍हें अवचेतन अपने स्‍तर पर ध्‍यान रखता है और भूतकाल की किसी स्‍मृति अथवा भविष्‍य के किसी संकेत के रूप में स्‍वप्‍न विकल्‍प पेश करते हैं। जैसे कि अगर आप चिल्‍ला नहीं पा रहे हैं तो समझ लीजिए कि आप अपनी क्षमताओं को पूरा इस्‍तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में हमारा अवचेतन सपने में हमें यह संकेत देगा। 

               भले ही प्राचीन पुस्‍तकों ने एक विशिष्‍ट विषय के रूप में स्‍वप्‍न को पेश नहीं किया है, फिर भी जनमानस में हमेशा से कुछ विचार स्‍पष्‍ट रहे हैं। बहुत सालों तक स्‍वप्‍न और धारणाओं तथा उसके ज्‍योतिषीय अथवा मनोवैज्ञानिक अथवा पराभौतिक अर्थों को समझने का प्रयास करते हैं। यहां मैं कुछ ऐसे स्‍वप्‍नों पर चर्चा करूंगा, जिनके बारे में आमतौर पर अधिक सवाल पूछे जाते हैं। 

क्‍या आप भी कभी गिरे हैं...
और बीच में नींद टूटी है...
आकाश से गिरना (falling from sky)
जनमासन में इस स्‍वप्‍न का अर्थ यह लगाया जाता है कि जातक की मानहानि होगी अथवा नई चिंताएं सामने आएंगी। प्रकारान्‍तर से यह भी माना जाता है कि जिन जातकों को वात रोग विकार (Gastric Problem) की समस्‍या होती है, उन्‍हें इस प्रकार के स्‍वप्‍न अधिक आते हैं। ज्‍योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो राहू की दशा की शुरूआत में ऐसे स्‍वप्‍न आते हैं। वहीं केवल आकाश दिखाई देने पर जातक की तरक्‍की होती है और आकाश में भ्रमण करने पर मान सम्‍मान मिलता है। 

खुद को मृत देखना 
(Find his own dead body)
इस स्‍वप्‍न का अर्थ यह लगाया जाता है कि जातक की आयु में वृद्धि होगी। मनोवैज्ञानिक रूप से यह माना जा सकता है कि जातक खुद के स्‍वास्‍थ्‍य (Health) या कहें जीवन के प्रति अधिक सचेत हो जाता है। ऐसे में उसका अवचेतन वर्तमान जीवन पद्धति से अपने मरने तक के काल की गणना कर अंत समय दिखा देता है। ज्‍योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो जिस जातक की कुण्‍डली में लग्‍न अथवा आठवें भाव से संबंधित दशा आएगी, वह ऐसा स्‍वप्‍न देखेगा। 

अस्‍त्र शस्‍त्र देखना (Weapons)
जब कोई पीछा कर रहा होता है
तो मान लीजिए कि कुछ चीजें
आपने पीछे छोड़ दी हैं,
आपका अवचेतन उन्‍हें लिए
आपके पीछे पीछे दौड़ रहा है...
अर्से तक एक के बाद दूसरी समस्‍या और दुख से निपट रहे व्‍यक्ति को ऐसा स्‍वप्‍न आता है। ज्‍योतिषीय दृष्टिकोण से बारहवें भाव में बुध (Mercury) होने पर ऐसा स्‍वप्‍न आने की संभावना अधिक होती है। जब गोचर (Transit) में बुध की स्थिति सुधरती है तो दुख और समस्‍याएं कम होने की संभावना बनती है। ऐसा स्‍वप्‍न आने के बाद दुख और तकलीफ की मात्रा कम हो जाती है। यह सकारात्‍मक संकेत देता है। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी जब जातक अपनी समस्‍याओं से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता होगा, तभी ऐसे स्‍वप्‍न आते होंगे। 

इंद्रधनुष देखना (Rainbow)
जिस जातक की कुण्‍डली में कारक ग्रह, भाग्‍येश, गुरु अथवा शुक्र की दशा शुरू हो रही हो, उन्‍हें ऐसे स्‍वप्‍न आना स्‍वाभाविक है। जीवन में बड़े और सकारात्‍मक परिवर्तन का दौर होता है। ऐसी स्थि‍ति में एक से अधिक नई संभावनाओं (New projects) के द्वार खुल रहे होते हैं। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी नई संभावनाओं का स्‍वागत इसी कोण से हो सकता है। जनमानस में इसका अर्थ भावी जीवन में आने वाले परिवर्तन के तौर पर लगाया जाता है। इसी प्रकार तंबू दिखाई देने पर नया काम शुरू करने की योजना बनती है। 

युवतियां (Girls)
किसी प्रेमी को सपने में प्रेमिका दिखाई दे तो यह उसकी तात्‍कालिक मानसिक स्थिति हो सकती है, लेकिन ऐसी युवती दिखाई दे जिसे जातक जानता नहीं है। बस आभास हो कि कोई नवयौवना खड़ी दिखाई दे रही है, तो यह नए प्रेम संबंध की शुरूआत का संकेत है। 
               तितली दिखाई दे तो प्रेम संबंध में सफलता भी मिलती है। स्त्रियों का लहंगा दिखाई देने दांपत्‍य सुख में बढ़ोतरी होती है। खरगोश दिखाई देने पर स्‍त्री से मिलाप होता है। पान खाने से प्रिय से और बर्फ खाने से प्रियतमा से मिलाप होता है।
               छोटी कन्‍या (Baby girl) दिखाई देने पर तीर्थ यात्रा होती है। अगर घुंघट दिखाई दे तो नया कारोबार शुरू होता है। केवल सुंदरी दिखाई दे तो धन मिलता है। 
               सगाई (Engagement) होते हुए सपना दिखे तो मान लीजिए कि विवाह में अभी और विलंब होगा। अगर डोली दिखाई दे तो कोई परेशानी सामने आकर खड़ी होगी। रखैल दिखाई दे तो संतान सुख में कमी आती है। विधवा स्‍त्री दिखाई दे तो व्‍यापार में हानि होती है। 

धनदायक (Money Makeing)
कुछ सपने निश्चित तौर पर धन दिलाने वाले होते हैं। मसलन स्‍वप्‍न में चरखा, बालू, मछली, महात्‍मा, समुद्र, तोता, पपीता, कमल अथवा खरबूजा दिखाई देना धन दिलाता है। स्‍वप्‍न में थन स्‍पर्श करना, भरी हुई दुकान देखना, धन देखना, नृत्‍य देखना, जिंदा जलना, किसी का जनाजा देखना, खुद अंगूठी पहनना, ईमारत बनाना जातक को धन दिलाते हैं। स्‍त्री को कढ़ाई करते हुए देखने पर प्रेम अथवा व्‍यापार में सफलता मिलती है। 

नकारात्‍मक संकेत (Nagative)
सपने में अतिथि (Guest) दिखाई देने पर आकस्मिक विपत्ति, अंधेरा दिखने पर दुख और आग जलाकर पकड़ने पर व्‍यर्थ का व्‍यय होता है। आलू दिखने पर मुसीबत आती है, ऑपरेशन दिखाई देने पर रोग के चिन्ह उभरते हैं, ईंजन दिखाई देने पर योजनाएं विफल हो जाती हैं। 
               ऊंट (Camel) दिखाई देने पर अंग घात होता है, उल्‍लू दिखाई देने पर शोक होता है, कैंची चलाने अथवा कौआ बोलते दिखे तो व्‍यर्थ विवाद होता है, कोढ़ी दिखाई दे तो रोग का संकेत है, कीचड़ में फंसने पर कष्‍ट और व्‍यय बढ़ता है। कटा सिर (Choped head) दिखने पर चिंता और परेशानी बढ़ती है।

GAM STONE LAL KITAB SIDHARTH JOSHI FALADESH JYOTISH KUNDALI JYOTISH DARSHAN ASTROLOGY SIGNS MESHA VRISHUBHA MITHUNA KARKA SIMHA KANYA TULA VRISHCHIKA DHANU MAKAR KUMBHA MEENA ARIES TAURUS GEMINI CANCER LEO VIRGO LIBRA SCORPIO SAGITTARIUS CAPRICORN AQUARIUS PISCES SUN MOON MARS MERCURY JUPITER VENUS SATURN DRAGON HEAD TAIL SURYA CHANDRA MANGAL BUDH GURU BRIHASPATI SHUKRA SHANI RAHU KETU LAGNA DWITIYA TRITIYA CHATURTHA PANCHAM SHASHTHAM SAPTAM ASHTAM NAVAM DASHAM EKADASH DWADASH HOUSE HOROSCOPE ASTROLOGER SUNHARI KITAB VADIC MANTRA TANTRA UPAAY FAMILY CHILD CHILDREN ASTRO HEALTH WEALTH MAKAAN HOUSE STUDY GROUP BUSINESS CAREER VAAHAN CAR ONLINE CONSULTANCY ASTRO SALAAH PANDIT JANM PATRIKA

Written by

Astrologer Sidharth Jagannath Joshi is Professional astrologer. In this blog you will find more than 200 astrology articles. We try to touch almost every branch of astrology. Like vedic, hindu, horoscope, lal kitab, ratna, sunhari kitab, KP, Prashna, Jem stone etc.Hope you will find it useful. Mobile 09413156400

0 विचारों का प्रवाह:

Post a Comment

 

© 2014 Astologer Sidharth. All rights resevered. Designed by Astrologer Sidharth

Back To Top