Wednesday, April 09, 2014

Money : Means Job, income, business Or just money management ?

धन की समस्‍या क्‍या है? 
नौकरी, कमाई, व्‍यवसाय 
या सिर्फ धन प्रबंधन

Swastik

जब हमें यह पता चलता है कि अधिकांश समस्‍याएं धन (Money) से जुड़ी हुई हैं। तो हमारी अगली सोच यह होती है कि अधिक से अधिक धन कमा लिया जाए। इससे सभी समस्‍याओं का एक साथ समाधान हो जाएगा। कई बार ऐसा होता भी है। एक जातक के लिए दो लाख रुपए अच्‍छी राशि हो सकती है तो दूसरे जातक के लिए बीस लाख रुपए कुछ समय की संतुष्टि सिद्ध होते हैं, वहीं ऐसे जातकों (Jatakas) की भी कमी नहीं है जो हर माह दो करोड़ रुपए कमाकर भी समस्‍याओं से बुरी तरह घिरे हुए हैं। 

दरअसल धन कमाना (Earn) या जुटाना (Arrange) धन की समस्‍या का समाधान नहीं है। लेकिन यह भी कटु सत्‍य है कि अगर धन नहीं है तो बहुत सी समस्‍याएं अपने विकराल रूप में हमारे सामने आ खड़ी होती है। ऐसे में हमें देखना होगा कि वास्‍तव में कहां धन की जरूरत है और कहां केवल धन की लालसा ही बनी हुई है। 

एक ज्‍योतिषी (Astrologer) के तौर पर देखता हूं तो पाता हूं कि नौकरीपेशा लोगों (Paid servants) के लिए धन की समस्‍या तब शुरू होती है, जब एक ही नौकरी में रहते हुए वे यह निर्णय सालों पहले कर चुके होते हैं कि हमारा सोशल स्‍टेटस यह रहेगा, लेकिन "बदलाव का दौर" उन्‍हें यह अहसास करा देता है कि पंद्रह बीस या पच्‍चीस साल पहले किया गया निर्णय इतना सही नहीं था। वास्‍तव में पैसे की तो और अधिक जरूरत है। ऐसे में अगर कोई नौकरीपेशा जातक मुझे पूछता है कि धन की समस्‍या का क्‍या समाधान होगा, तो हकीकत में मेरे पास कोई जवाब नहीं होता। 

हां कुछ सवाल जरूर पूछ सकता हूं कि नौकरी से इतर पैसा कहां से लाओगे, क्‍या चोरी करने का इरादा है, क्‍या ऊपर की कमाई बढ़ने वाली है, क्‍या गहने बेचकर सट्टे में पैसा लगाओगे, क्‍या जिस घर में रह रहे हो, उसे बेचकर व्‍यापार करोगे। अपवादों का छोड़ दें तो अधिकांश सवालों का जवाब नकारात्‍मक में ही आता है। ऐसे में जब जातक के पास अपनी एक "स्‍थाई नौकरी" के इतर प्रति माह धन आने का कोई और जरिया नहीं है तो वह किस प्रकार धन की वर्तमान समस्‍या का समाधान कर पाएगा। 

अब दूसरे स्‍तर पर चलते हैं जहां एक निश्चित दायरे में रहकर सेवाएं दे रहे व्‍यापारी (Businessmen) हैं। इन्‍हें उद्यमी (Entrepreneur) नहीं कहा जा सकता। बाजार के स्‍वभाव को पहचानकर ये जातक ऐसे धंधों में घुसते हैं, जहां बंधी बंधाई आय (Fixed income) होती हो। इन व्‍यापारियों को माल देने वाले डीलर निश्चित हैं और माल खरीदने वाले ग्राहक निश्चित हैं। अगर कोई उतार चढ़ाव आता है, तो वह केवल उतना ही उतार चढ़ाव होता है, जिसे कि व्‍यापारी अपनी बचाई हुई क्रियाशील पूंजी के जरिए झेल सके। न तो आगे जाने का कोई सवाल है न नीचे गिरने का। 

ऐसा व्‍यापारी भी एक प्रकार का नौकर (Servant) है। नौकरीपेशा लोगों की तरह। बस उसे इतनी ही आजादी मिलती है कि वह कुछ अधिक मात्रा में धन का विनीमय कर पाता है, लेकिन यह धन न तो वह व्‍यापार से बाहर निकाल सकता है, न उसके भरोसे कोई बड़ा काम कर सकता है। 

तीसरी श्रेणी में वे लोग आते हैं, जिनके पास न व्‍यापार होता है, न नौकरी होती है और सबसे बुरी बात तो यह होती है कि उनके पास अपना कोई वीजन (Vision) भी नहीं होता। ऐसे जातकों को एक ही संभावना दिखाई देती है कि कोई "बड़ा हाथ मार लिया जाए।" इन जातकों का सवाल होता है कि गुरुजी ऐसा कोई टोटका बताओ जिससे बड़ा हाथ मारा जा सके। ऐसे में अगर उनसे कह दिया जाए कि भईया बड़ा हाथ मारने की बात तो दूर की रही, अगर सट्टा या लॉटरी जैसे सिस्‍टम में गलती से भी घुसे तो बड़ी मार खाओगे और जिंदगी का आगे का बड़ा हिस्‍सा बाजार से ली हुई उधार चुकता करने में ही निकल जाएगा। 

एक श्रेणी ऐसी है जिसके जातक मेरे पास कम ही आते हैं। ये श्रेणी ही उद्यमियों की। ये लोग लगातार नया सोचते हैं, जितना कमाते हैं, उसका बड़ा हिस्‍सा अपनी छिपी हुई योजना में निवेश करते हैं और तेजी से आगे बढ़ते चले जाते हैं। बाजार कैसा भी, इन लोगों को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। एक जातक ने तो मुझे यहां तक कहा किं जा "क्‍या बात करते हैं, बाजार में मंदी कभी आ ही नहीं सकती। क्‍या लोग खाना, पीना और अन्‍य दैनिक काम बंद कर देंगे।" चूंकि इन लोगों पास सपना है, दृष्टि है और काम का उत्‍साह है, ऐसे में ये लोग बिना फंसे ज्‍योतिषी के पास नही जाते.. 

Monday, March 31, 2014

Horoscope of Narendra Modi

नरेन्‍द्र मोदी की जन्‍म कुण्‍डली

Narendra Modi

मैंने कई लोगों से आग्रह किया कि अगर उनके पास नरेन्‍द्र मोदी की कुण्‍डली उपलब्‍ध है तो कृपया मुझे भेजे। कई लोगों ने उनकी जन्‍म कुण्‍डली और जन्‍म संबंधी विवरण मुझे भेजा है। मुझे प्राथमिक तौर पर दो प्रकार के जन्‍म विवरण मिले हैं।

जो समय सर्वाधिक प्रचलित है वह है। इसमें जन्‍म स्‍थान वादनगर के बजाय मेहसाना लिया गया है और जन्‍म समय भी 11 बजे का है।
नरेन्द्र मोदी
जन्म दिनांक : 17 सितम्बर, 1950
जन्म समय : 11 बजे प्रात:
जन्म स्थान: मेहसाना (गुजरात) 


इसके साथ ही दूसरे अन्‍य समय जो इंटरनेट पर उपलब्‍ध हैं। इनमें जन्‍म समय के साथ जन्‍म स्‍थान में भी बदलाव दिखाई देता है। इससे लग्‍न का सबलॉर्ड बदल जाता है। इस कारण कुण्‍डली का विश्‍लेषण कुछ कठिन हो जाता है।

Narendra Modi

17th September, 1950
Time of birth - 10:10
Vadnagar, Gujarat.


एक अन्‍य स्‍थान पर यह जन्‍म समय मिलता है जिसमें स्‍पष्‍ट किया गया है कि जन्‍म समय सुबह 10:11 से दोपहर 12:30 के बीच का है।
Narendra Modi

Sep17, 1950,
Vadanagar, Gujrat
Time may be either 10.11 AM or 12.21.30 noon.


याहू ग्रुप में एक स्‍थान पर मोदी के बर्थ टाइम रेक्‍टीफिकेशन (Birth time rectification) के साथ का जन्‍म समय भी मिला है। इसके अनुसार मोदी के जन्‍म समय में इस प्रकार का बदलाव दिखाई देता है। इसमें मूल जन्‍म समय 12:22 का लिया गया है और बर्थ टाइम रेक्‍टीफिकेशन के बाद समय को 12:21:30 का बताया गया है। 


Narendra Modi
17 Sep 1950 

Time of birth 12.22 rectified 12.21.30 noon

vadnagar, gujarat.

यहां एक और समस्‍या यह है कि जन्‍म समय प्रामाणिक नहीं होने के साथ जन्‍म स्‍थान में भी लगातार बदलाव आ रहा है। ऐसे में जातक की लग्‍न कुण्‍डली का विश्‍लेषण करना व्‍यवहारिक नहीं है। कृष्‍णामूर्ति पद्धति में बर्थ टाइम रेक्‍टीफिकेशन के लिए एक एलएसआरडी सिस्‍टम भी है। इसके अनुसार तात्‍कालिक ग्रह स्थिति को लेकर भी कुण्‍डली का विश्‍लेषण करने पर उपलब्‍ध कुण्‍डलियों जैसी स्थिति नहीं बन रही है। ऐसे में नरेन्‍द्र मोदी की कुण्‍डली का विश्‍लेषण व्‍यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसके कुछ कारण इस प्रकार हैं...

1 नरेन्‍द्र मोदी की वृश्चिक लग्‍न की कुण्‍डली बन रही है, लेकिन उनका व्‍यवहार स्‍वाभाविक रूप से तुला लग्‍न के जातक की तरह नजर आता है।
2. जन्‍म स्‍थान भी दो तरह के सामने आ रहे हैं। इससे लग्‍न और लग्‍न का सबलॉर्ड प्रभावित होता है। इस कारण कुण्‍डली का स्‍तर भी स्‍पष्‍ट नहीं हो पाता।
3. पूर्वाह्न 11 बजे वाली कुण्‍डली को देखें तो वर्तमान में मोदी की चंद्रमा की महादशा में राहू का अंतर चल रहा है। यह 29 अप्रेल 2013 से शुरू हुआ है और 29 अक्‍टूबर 2014 तक चलेगा। यह समय किसी भी जातक के जीवन में सबसे खराब समय होता है। जबकि मोदी की स्‍वीकार्यता और प्रसिद्धि इस दौर में तेजी से बढ़ी है।
4. रेक्‍टीफिकेशन के लिए जो जरूरी एलीमेंट चाहिए, मोदी के बारे में वे उपलब्‍ध नहीं हैं। मसलन विवाह (तिथि), बच्‍चे, मेजर एक्‍सीडेंट्स, मेजर ग्रोथ पीरियड्स। ऐसे में डेट निकालनी मुश्किल है।

अब दो तरीके हैं जिससे यह निकाला जा सकता है कि मोदी इस बार प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं। पहला तो कोई राष्‍ट्रीय राजनीति का व्‍यक्ति इस बाबत प्रश्‍न करे। चूंकि राजनीति में मेरी पकड़ ऐसी नहीं है कि राष्‍ट्रीय स्‍तर किसी नेता से सवाल और 1 से 249 के बीच एक संख्‍या लेकर उससे यह निकाल लें। ऐसे में यह तरीका केवल इंतजार का है कि किसी राष्‍ट्रीय स्‍तर के व्‍यक्ति को यह पोस्‍ट पढ़ने को मिले और वह मुझे कांटेक्‍ट करे। दूसरा तरीका स्‍वयं सवाल लेकर करने का है, लेकिन उसमें इतनी सटीकता नहीं आएगी। क्‍योंकि मेरा निजी रुझान इसमें बाधा बन सकता है। 

जय गणेश

जय गणेश
इक्‍कीसिया गणेशजी

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